Happy Birthday Rekha: बॉलीवुड की सबसे अदाकारा रेखा की जिंदगी से जुड़ी बेहद दिलचस्प बातें Birthday Special: Interesting facts about Rekha on her 66th birth anniversary

‘ये आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं’ उमराव जान का ये मशहूर गाना निश्चित रूप से भोसले ने गाया हो लेकिन इसे सुनने वालों के जेहन में सबसे पहले फिल्म जगत की सबसे खूबसूरत अदाकारा रेखा का दिलकश चेहरा ही आता है। रेखा का जन्म 10 अक्टूबर, 1954 को हुआ था।

रेखा का जन्मदिन

रेखा की जयंती (फोटो साभार: विकिपीडिया)

नई दिल्ली:

ये आँखें की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं‘उमराव जान का ये मशहूर गाना बेशक आशा भोसले ने छेड़ दिया लेकिन इसे सुनने वालों के जेहन में सबसे पहले फिल्म जगत की सबसे खूबसूरत अदाकारा रेखा का दिलकश चेहरा ही आता है।
रेखा का जन्म 10 अक्टूबर, 1954 को टीएम की राजधानी चेन्नई में हुआ था। बेशक रेखा अपने इस जन्मदिन पर 66 साल की हो गई हैं लेकिन उनकी खूबसूरती आज भी एवरग्रीन मानी जाती है।

रेखा का करियर:
उन्हें मिली शुभ्र और पहचान से रेखा खुश नहीं थीं। रेखा ने एक शो में कहा था कि वह 13 साल की उम्र में अभिनेत्री नहीं बनना चाहती थीं। लेकिन शायद उनकी किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रेखा की मां पुष्पावली मराठी फिल्मों में अदाकारा थीं। जब उनकी मां का करियर ढलान पर आया तो पूरा परिवार कर्ज़ में डूब गया। बचपन में रेखा को स्कूल छोड़कर कर्ज़ चुकाने के लिए फिल्मों में काम करना पड़ा। उन्होंने तमिल फिल्म में काम करना शुरू किया। छोटी सी रेखा जब काम करके थक जाती थी और काम करने से मना करती थीं तो उनके भाई उन्हें मारते थे। कड़ी मेहनत के बाद उनका करियर हमेशा सफलता के चरम पर रहा। यही नहीं रेखा को पहले काली-कलूटी और नमूना कहकर चिढ़या जाता था, लेकिन रेखा ने ठाना कि वे रुकेंगी नहीं।
1968 में बतौर हिरोइन रेखा की पहली तेलगु फिल्म ‘रंगुला रतलाम‘आई। आई। 1970 में बॉलीवुड में रेखा को फिल्म ‘सावन भादो’ में पहला ब्रेक मिला, ये फिल्म सुपरहिट साबित हुई। फिल्म ‘अंजना सफ़र‘में ही उन्हें ज़बरदस्ती हर बिस्वजीत के साथ एक व्हिंग सीन करना पड़ा। इस सीन के बारे में उन्हें पहले से नहीं पता था। लगभग 5 मिनट तक चले गए इस सीन के दौरान उनकी आंखें नम थीं। सेंसर बोर्ड ने इस सीन को हटाने की कोशिश की। जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंच गया और कोर्ट ने खोसला को कम बनाया। जिन्होंने जांच के बाद कहा कि ‘किसिंग सीन 2 लोगों का निजी मामला है। अगर उन दोनों को भी इसमें कोई जोड़ नहीं है तो किसी तीसरे को भी नहीं होना चाहिए ’। ये सीन बाद में एक मशहूर मैगजीन का हिस्सा बना और रेखा को बहुत पब्लिसिटी मिली।

गौरतलब है कि रेखा जिंतेन्द्र और मुमताज की बहुत बड़ी फैन थीं। जितेंद्र की शूटिंग देखने के लिए तो उन्होंने पुलिस के डंडे भी खाए थे। रेखा की बात हो और अमिताभ बच्चन का जिक्र न हो, ये तो नामुमकिन है। क्या आप जानते हैं कि रेखा और अमिताभ बच्चन ने पहली बार एक साथ फिल्म ‘दुनिया का मेला किन’ की थी लेकिन इस फिल्म से अमिताभ को हटा दिया गया क्योंकि उनकी फिल्में फ्लॉप रहीं।
1976 में दो अंजाने की शूटिंग के दौरान अमिताभ-रेखा के अफेयर की ख़बरें आने लगीं। जिसके बाद से इस तरह की ख़बर हर फिल्म मैगज़ीन की सुर्खियों में सबसे ऊपर जगह बनाने लगी थी। ‘वापस आ रहा हैगंगा की सौगंधमुकद्दर का सिकंदर‘और’मिस्टर नटवरलाल‘जैसी फिल्मों की कामयाबी ने उन्हें बॉलीवुड की सबसे प्रसिद्ध जोड़ी बना दिया।

रेखा के सिंदूर लगाने पर हमामा

1980 में ऋषि कपूर-नीतू के रिसेप्शन में रेखा मांग में सिंदूर भरकर पहुंची तो बवाल हो गया। वहां मौजूद लोग मांग में सिंदूर देखकर ये कयास लगाने लगे थे कि शायद रेखा ने शादी कर ली है। 1984 में फिल्मफेयर मैगज़ीन को दिए इंटरव्यू में रेखा ने कहा- ‘मेरी बातों से किसी को कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि मैं दूसरी औरत हूं। ‘

यह भी: बिग बी के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे ‘बाहुबली’ प्रभास, कहा- पूरा हो रहा है सपना

1982 में जब रेखा को फिल्म उमराव जान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था तब भी वो वहां सिंदूर लगाकर पहुंची। पुरस्कार देते वक्त तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीवा रेड्डी ने उनसे सवाल किया था ‘आप अपनी मांग में सिंदूर क्यों लगाए हुए हैं? ‘ बाद में चारों ओर खमोशी छा गईरेखा बड़े बेबाक तरीकों से जवाब दिया गया, ‘जिस शहर से मैं आई हूं, वहां सिंदूर लगाना फैशनेबल माना जाता है। ‘

लाइन को कई सम्मान और प्रमाणों से नवाज़ा गया:

1981: फ़िल्म ‘खूबसूरत‘- फाइनल अभिनेत्री के लिए फ़िल्मफेयर अवार्ड।
1982: फ़िल्म ‘उमराव जान‘- फाइनल अभिनेत्री के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार।
1985: फ़िल्म- ‘उत्सव‘- एफएफ हिंदी अभिनेत्री के लिए बंगाल फिल्म संवाददाता संघ अवार्ड।
1989: फ़िल्म- ‘मांग भरी हुई‘- फाइनल अभिनेत्री के लिए फ़िल्मफेयर अवार्ड।
1997: फ़िल्म- ‘खिलाड़ी का खिलाड़ी‘- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए फ़िल्मफेयर अवार्ड और सबसे अच्छी खलनायिका के लिए स्टार स्क्रीन अवार्ड।
2003 में फिल्मफेयर का लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड।
2004: फ़िल्म- ‘कोई मिल नहीं गया‘- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए बॉलीवुड फ़िल्म अवार्ड।
2010 में पद्मश्री अवार्ड।
2016 में दुबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड।
2018 में मुंबई में एलएक्स गोल्डन डेली अवार्ड।
2018 में एएनआर नेशनल अवार्ड।

संबंधित लेख



पहली बार प्रकाशित: 10 अक्टूबर 2020, 11:43:50 पूर्वाह्न

सभी के लिए नवीनतम मनोरंजन समाचार, बॉलीवुड नेवस, न्यूज नेशन डाउनलोड करें एंड्रॉयड तथा आईओएस मोबाईल ऐप्स।



Source link
#Happy #Birthday #Rekha #बलवड #क #सबस #अदकर #रख #क #जदग #स #जड #बहद #दलचसप #बत #Birthday #Special #Interesting #facts #Rekha #66th #birth #anniversary

Leave a Comment